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पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में डुमरी विधायक एवं JLKM अध्यक्ष जयराम महतो को धनबाद सिविल कोर्ट की MP-MLA अदालत से राहत मिली है। अदालत ने जयराम महतो के साथ सुशील मंडल, महेंद्र साव और राज कुमार मंडल को भी अग्रिम जमानत दे दी है।
अदालत ने हालांकि जमानत के साथ कई शर्तें निर्धारित की हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि इनमें से किसी शर्त का उल्लंघन होता है तो आरोपियों को मिली अग्रिम जमानत की राहत समाप्त की जा सकती है।
शिकायतकर्ता और जांच अधिकारी को धमकी नहीं देने की शर्त
अदालत के निर्देश के मुताबिक, जयराम महतो और अन्य याचिकाकर्ता मामले के सूचक, जांच अधिकारी या उनके परिवार के किसी सदस्य को किसी भी तरीके से परेशान अथवा धमकाने का प्रयास नहीं करेंगे।
जमानत के लिए दो जमानतदार भी देने होंगे। इनमें से एक याचिकाकर्ताओं की ओर से मौजूदा पैरवी करने वाला व्यक्ति होगा, जबकि दूसरा उनका करीबी रिश्तेदार होना जरूरी है।

चार्ज फ्रेम होने तक हर तारीख पर व्यक्तिगत हाजिरी
अदालत ने आरोप तय होने तक निचली अदालत की प्रत्येक सुनवाई में सभी याचिकाकर्ताओं की व्यक्तिगत मौजूदगी अनिवार्य की है। कोर्ट ने साफ किया है कि किसी भी तारीख पर गैरहाजिरी होने पर जमानत बांड तत्काल रद्द किया जा सकता है।
इसके साथ ही सभी आरोपियों को अदालत में अपनी पहचान से संबंधित दस्तावेज और वर्तमान मोबाइल नंबर जमा करना होगा। अदालत की अनुमति के बिना उस मोबाइल नंबर को बदलने की भी इजाजत नहीं होगी।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी याचिकाकर्ता निचली अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे।
22 अगस्त को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामला बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। धनबाद पुलिस ने 22 अगस्त 2026 को जयराम महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप है कि उन्होंने एक पुलिसकर्मी को कथित तौर पर धमकाया और बाद में देर रात करीब 50 समर्थकों के साथ थाने पहुंचकर हंगामा किया।
इसी मामले में पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के साथ दुर्व्यवहार समेत विभिन्न आरोप लगाए थे। अब MP-MLA कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद जयराम महतो और उनके तीन सहयोगियों को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।