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डुमरी विधायक और JLKM अध्यक्ष जयराम महतो ने अपने खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी से राहत के लिए धनबाद सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। उनके साथ मामले में आरोपी सुशील मंडल उर्फ सुशील कुमार, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने भी अग्रिम जमानत की मांग की है।
तीन आरोपियों की जमानत अर्जियों पर मंगलवार को MP-MLA की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने पुलिस को मामले से संबंधित केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तारीख तय की गई है। केस डायरी अदालत के सामने आने के बाद ही अग्रिम जमानत की याचिकाओं पर आगे सुनवाई होगी।
फर्जी दस्तावेज के आरोप से शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत बरवाअड्डा थाना क्षेत्र की बड़ा पिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी की शिकायत से हुई। उन्होंने JLKM नेता गणेश दास पर आरोप लगाया था कि पंचायत की मुखिया के नाम से तैयार किए गए पैड, मुहर और हस्ताक्षर का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया।
शिकायत की जांच के क्रम में पुलिस 21 अगस्त को गणेश दास को नोटिस देने उनके घर पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस और गणेश दास के बीच विवाद बढ़ गया। तीखी बहस और कथित गाली-गलौज के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और बाद में जेल भेज दिया।
गिरफ्तारी के विरोध में थाने में हुआ हंगामा
गणेश दास की गिरफ्तारी के विरोध में उसी दिन बरवाअड्डा थाना परिसर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वहां विधायक जयराम महतो और मुखिया के समर्थकों के बीच विवाद हुआ, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गया।
घटना के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कीं। पहली प्राथमिकी थाने में हुए विवाद के बाद दर्ज की गई, जबकि दूसरी कार्रवाई थाना प्रभारी की शिकायत पर हुई। इसमें जयराम महतो समेत 10 नामजद और करीब 40-50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। उन पर सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं।
थाना प्रभारी से बातचीत का ऑडियो भी हुआ वायरल
विवाद के बीच विधायक जयराम महतो और थाना प्रभारी के बीच हुई कथित बातचीत का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जयराम महतो ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने बातचीत के ऑडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे एडिट किया और फिर वायरल कराया।
अब अग्रिम जमानत की सुनवाई में अदालत ने पुलिस से केस डायरी तलब की है। ऐसे में जयराम महतो और अन्य आरोपियों को फिलहाल अदालत की अगली सुनवाई तक इंतजार करना होगा। केस डायरी के आधार पर अदालत आगे अग्रिम जमानत पर निर्णय लेगी।