राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को नावाबाजार प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। करीब 12:30 बजे कार्यालय पहुंचे मंत्री को मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला। मौके पर किसी अधिकारी या कर्मचारी के नहीं मिलने पर उन्होंने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की।
मंत्री ने तत्काल पलामू उपायुक्त से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर पहल करते हुए कार्यालय का ताला खुलवाया गया। कार्यालय के निरीक्षण के दौरान अंचलाधिकारी के अनुपस्थित रहने पर मंत्री ने अंचल से संबंधित कामकाज की स्थिति की जानकारी अंचल निरीक्षक (CI) से ली।
SIR में तैनाती का दिया गया हवाला
CI ने मंत्री को बताया कि फिलहाल अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कार्य में लगाई गई है। इसी वजह से नियमित कार्यालय उपस्थिति प्रभावित होने की बात कही गई।
मंत्री ने इस स्पष्टीकरण पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को विभिन्न विभागीय कार्यों में जिम्मेदारी दी जा सकती है, लेकिन इससे आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीणों को नहीं होनी चाहिए परेशानी
राधाकृष्ण किशोर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपनी समस्याओं और जरूरी काम के लिए पहुंचने वाले ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कर्मचारियों से अपने दायित्वों का गंभीरता और जवाबदेही के साथ पालन करने को कहा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कार्यालय की व्यवस्थाओं के साथ-साथ अंचल से संबंधित विभिन्न कार्यों की भी जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।