Wednesday, October 7, 2026
Home » दरोगा की वरीयता से प्रतियोगी परीक्षाओं तक… आज हाईकोर्ट में बड़े फैसले संभव

दरोगा की वरीयता से प्रतियोगी परीक्षाओं तक… आज हाईकोर्ट में बड़े फैसले संभव

by उर्वशी शेखर
0 comments

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए 15 सितंबर का दिन महत्वपूर्ण है। झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को पुलिस विभाग की 2018 बैच की दरोगा भर्ती में वरीयता को लेकर चल रहे विवाद के साथ-साथ कई प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर सुनवाई होनी है। इन मामलों में राज्य सरकार की ओर से भर्ती विज्ञापन और परीक्षाएं रद्द किए जाने के फैसले को अभ्यर्थियों ने अदालत में चुनौती दी है।

इन मुकदमों में हाईकोर्ट का रुख आने वाले समय में संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं की दिशा तय कर सकता है। खासकर लंबे समय से कानूनी विवाद में फंसी परीक्षाओं के उम्मीदवारों को आज की कार्यवाही से आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

2018 दरोगा भर्ती में वरीयता का पेच

2018 में सीधी नियुक्ति से सब-इंस्पेक्टर बने अभ्यर्थियों और सीमित विभागीय परीक्षा के माध्यम से पदोन्नत होकर दरोगा बने कर्मियों के बीच वरिष्ठता तय करने का विवाद हाईकोर्ट पहुंचा था। उत्तम तिवारी एवं अन्य बनाम झारखंड सरकार (WPC-3445/25) मामले में सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो गईं।

यह मामला जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ में चल रहा है। राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता ने अतिरिक्त समय मांगा था। अदालत ने सरकार को जवाब रखने के लिए 15 सितंबर को दोपहर 3 बजे का समय दिया है। अब इस मामले में सरकार की दलीलों पर सभी की निगाहें रहेंगी।

JPSC और JSSC-CGL समेत कई भर्ती मामलों की सुनवाई

दरोगा वरीयता विवाद के अलावा मंगलवार को राज्य की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित याचिकाएं भी अदालत के समक्ष आएंगी। सरकार द्वारा कुछ भर्ती विज्ञापनों को निरस्त किए जाने के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • JSSC-CGL 2023: रमेश उरांव एवं अन्य की याचिका
  • JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा: दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज एवं अन्य की ओर से चुनौती
  • CDPO भर्ती परीक्षा: सुभाष मुर्मू एवं अन्य अभ्यर्थियों की याचिका
  • फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा: सौरभ सिंह एवं अन्य की याचिका

इन मामलों में अभ्यर्थियों का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार के फैसले को न्यायिक चुनौती देना और अपने रोजगार के अवसरों को बचाना है।

लंबे विवाद के बीच अभ्यर्थियों को फैसले का इंतजार

इन भर्ती प्रक्रियाओं के कानूनी विवाद में फंसने का सीधा असर प्रतियोगी छात्रों पर पड़ा है। परीक्षा, नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया की अनिश्चितता के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार लंबे समय से अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

ऐसे में 15 सितंबर की सुनवाई को लेकर अभ्यर्थियों में खास दिलचस्पी है। अदालत में राज्य सरकार की दलील और उसके बाद हाईकोर्ट की टिप्पणी या आदेश से यह संकेत मिल सकता है कि इन विवादित भर्तियों का रास्ता आगे किस दिशा में जाएगा। दरोगा वरीयता विवाद से लेकर JPSC और JSSC-CGL तक, आज की सुनवाई हजारों उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

You may also like

Leave a Comment