Wednesday, October 7, 2026
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झारखंड बंद से कई जिलों में असर, आंदोलनकारियों ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध

by उर्वशी शेखर
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अलग झारखंड राज्य के गठन के आंदोलन से जुड़े लोगों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को आयोजित बंद का प्रभाव रांची, पलामू और बोकारो समेत कई इलाकों में दिखाई दिया। विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों के साथ किसान और मजदूर भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक, मेदिनीनगर के रेड़मा चौक और बोकारो के चास स्थित आईटीआई मोड़ पर प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन को देखते हुए संबंधित इलाकों में पुलिस बल भी तैनात किया गया।

रांची में बड़ी संख्या में आंदोलनकारी अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई गई। प्रदर्शन के कारण चौक पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

बंद से एक दिन पहले मंगलवार शाम को भी मोर्चा की ओर से मशाल जुलूस निकाला गया था। यह जुलूस शहीद चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक गया। इसमें पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता सहित मोर्चा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए थे।

मेदिनीनगर में सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारी

पलामू के मेदिनीनगर में रेड़मा चौक पर महिला और पुरुष आंदोलनकारियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पेंशन, सम्मान और अन्य लंबित मांगों को लेकर नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिसके चलते चौक के दोनों ओर गाड़ियों की कतार लग गई। स्कूल बसों के भी जाम में फंसने की जानकारी सामने आई। इससे स्कूल और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।

चास में आईटीआई मोड़ पर चक्का जाम

बोकारो के चास में आंदोलनकारियों ने आईटीआई मोड़ पर धरना दिया और सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोज राय ने की।

प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नीति को लागू करने, झारखंड आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों के नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज करने और आंदोलनकारियों को उनके अधिकार उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

सम्मान पेंशन और नौकरी समेत कई मांगें

मोर्चा की ओर से आंदोलनकारियों के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान पेंशन देने की मांग की जा रही है। इसके अलावा आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी, विस्थापित परिवारों के लिए उचित मुआवजा, रोजगार एवं पुनर्वास की व्यवस्था और विस्थापन आयोग के गठन की मांग भी शामिल है।

किसानों से जुड़ी मांगों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन और कर्जमाफी की मांग रखी गई है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य बने 26 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आंदोलन से जुड़े कई मुद्दों का अब तक समाधान नहीं हुआ है। मोर्चा ने सरकार से इन मांगों पर ठोस पहल करने की मांग की है।

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