Tuesday, October 6, 2026
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17 हजार से ज्यादा थानों में पहुंची पप्पू-अंजू की तस्वीर, देशभर में शुरू हुई तलाश

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झारखंड में लंबे समय से लापता दो लोगों की तलाश अब राज्य की सीमाओं से बाहर भी तेज कर दी गई है। बोकारो के पप्पू चौहान और गुमला की अंजू कुमारी से जुड़ी तस्वीर, पहचान और गुमशुदगी की जानकारी देशभर के 17 हजार से अधिक पुलिस थानों तक भेजी गई है। यह पहल झारखंड CID के एडीजी मनोज कौशिक की पहल पर की गई है।

CID ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी, पुलिस आयुक्तों और संबंधित पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर दोनों की तलाश में सहयोग करने का अनुरोध किया है। इसके बाद संबंधित राज्यों की पुलिस ने भी अपने स्तर पर इन दोनों के बारे में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अक्टूबर 2024 से पप्पू का नहीं मिला सुराग

बोकारो के बीएस सिटी थाना क्षेत्र के दुंदीबाग बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे रहने वाले 35 वर्षीय पप्पू चौहान 25 अक्टूबर 2024 को लापता हुए थे। उनकी गुमशुदगी को लेकर बीएस सिटी थाने में मामला दर्ज है। काफी समय बीतने के बावजूद जब उनके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, तो पुलिस ने अब उनकी तलाश को दूसरे राज्यों तक विस्तारित किया है।

पप्पू की तस्वीर और पहचान संबंधी विवरण दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ साझा किए गए हैं, ताकि कहीं से भी उनके संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल झारखंड पुलिस तक पहुंचाई जा सके।

12 साल से अंजू की तलाश

गुमला की अंजू कुमारी की गुमशुदगी का मामला इससे भी पुराना है। अंजू जब लापता हुई थीं, तब उनकी उम्र 17 वर्ष थी। अब उनकी उम्र 29 वर्ष हो चुकी है। मानव तस्करी और अपहरण से जुड़े मामले में गुमला के एमपीटीयू थाना में प्राथमिकी दर्ज है।

अंजू के लापता होने के करीब 12 वर्ष गुजर जाने के बाद भी उनका पता नहीं चल पाया है। ऐसे में CID ने उनकी पुरानी तस्वीर और पहचान से संबंधित जानकारी देशभर के पुलिस नेटवर्क में प्रसारित कराई है। उद्देश्य यह है कि किसी दूसरे राज्य में उनकी मौजूदगी या उनसे जुड़ी कोई जानकारी सामने आने पर मामले को आगे बढ़ाया जा सके।

पहले भी हू एंड क्राई नोटिस से मिली थी सफलता

झारखंड पुलिस इससे पहले भी अंतरराज्यीय स्तर पर गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए हू एंड क्राई नोटिस का इस्तेमाल कर चुकी है। जनवरी 2026 में धुर्वा से लापता अंश और आशिका की तलाश में ऐसा नोटिस जारी किया गया था। इसके जरिए दोनों बच्चों से संबंधित सूचना देशभर में प्रसारित की गई थी। बाद में पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया था।

हू एंड क्राई नोटिस का इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जाता है, जब स्थानीय स्तर पर लंबे समय तक तलाश के बावजूद कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिलता। इसके माध्यम से लापता व्यक्ति की पहचान और अन्य विवरण दूसरे राज्यों की पुलिस तथा संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाए जाते हैं, जिससे तलाश का दायरा राज्य की सीमा से बाहर भी बढ़ाया जा सके।

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