Tuesday, October 6, 2026
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NPU VC दिनेश सिंह पर बर्खास्तगी की तलवार, राज्यपाल सचिवालय ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

by उर्वशी शेखर
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नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) के कुलपति दिनेश सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। राज्यपाल सचिवालय ने उनकी बर्खास्तगी के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। अब सरकार की सहमति मिलने के बाद कुलपति को पद से हटाने संबंधी आदेश राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी किया जा सकता है।

यह घटनाक्रम विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर सामने आया है। राज्यपाल सचिवालय के प्रस्ताव में विशेष ऑडिट के दौरान सामने आई गड़बड़ियों का भी उल्लेख किया गया है।

नये विश्वविद्यालय कानून के कारण सरकार की सहमति जरूरी

राज्य में लागू नये विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत कुलपति को हटाने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब राज्यपाल अपने स्तर से कुलपति की बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी नहीं कर सकते। इसके लिए राज्य सरकार की सहमति आवश्यक है। सरकार की मंजूरी के बाद ही राज्यपाल सचिवालय की ओर से बर्खास्तगी का आदेश जारी किए जाने का प्रावधान है।

राज्यपाल सचिवालय की ओर से सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में दिनेश सिंह पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन, कथित गबन और पीएल खाते में जमा राशि के मनमाने तरीके से इस्तेमाल जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा आरोप है कि विश्वविद्यालय में कुछ पदों पर राज्यपाल की अनुमति के बिना अपनी पसंद के लोगों की नियुक्तियां की गयीं।

स्पेशल ऑडिट की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज

प्रस्ताव में विशेष ऑडिट के दौरान सामने आई वित्तीय अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया है। राज्यपाल सचिवालय ने कुलपति के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पहले ही सीमित/जब्त किए जाने का उल्लेख करते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में दिनेश सिंह का कुलपति पद पर बने रहना विश्वविद्यालय और सरकार की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है। इन्हीं आधारों पर उन्हें पद से हटाने की जरूरत बतायी गयी है।

इस्तीफे की सलाह, लेकिन पद छोड़ने से इनकार

इस पूरे घटनाक्रम के बीच दिनेश सिंह ने राज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों से मुलाकात कर कुछ और समय तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया था। बताया जाता है कि उन्होंने करीब तीन-चार महीने का समय मांगा था। हालांकि, सचिवालय की ओर से उन्हें इस्तीफा देने की सलाह दी गयी।

साथ ही कथित तौर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि वह पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। वित्तीय अनियमितता और कथित गबन से जुड़े आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने की संभावना से भी उन्हें अवगत कराया गया था।

इसके बावजूद उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। 15 सितंबर को उन्होंने काफी प्रयासों के बाद लोकभवन में अधिकारियों से मुलाकात का समय हासिल किया। बताया जाता है कि इस मुलाकात के दौरान भी उन्होंने अपने खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को टालने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में ठहरे हैं VC

राज्यपाल सचिवालय से मुलाकात के बाद दिनेश सिंह रांची में ही स्टेट गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं। इस बीच, उनके खिलाफ बर्खास्तगी का प्रस्ताव सरकार के पास पहुंच चुका है। अब आगे की कार्रवाई राज्य सरकार की सहमति पर निर्भर करेगी।

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