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अपराध नियंत्रण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने के लिए रांची पुलिस लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी अभियान के तहत जैप-1 ग्राउंड, बरियातू में टाइगर मोबाइल के जवानों और अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारियों व संबंधित पुलिस पदाधिकारियों का छोटे हथियारों से फायरिंग अभ्यास कराया गया।
यह प्रशिक्षण वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर पुलिस बल की कार्यक्षमता और हथियार संचालन की दक्षता बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभ्यास का हिस्सा है।
सुरक्षित हथियार संचालन से लेकर सटीक निशाने तक प्रशिक्षण
फायरिंग अभ्यास के दौरान पुलिसकर्मियों को हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े सुरक्षा नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन कराया गया। अभ्यास में हथियारों को सुरक्षित तरीके से संचालित करने, लक्ष्य पर बेहतर निशाना लगाने और अचानक उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रशिक्षण के जरिए पुलिसकर्मियों को वास्तविक ऑपरेशनल परिस्थितियों के लिए तैयार करने की कोशिश की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर वे संयम और दक्षता के साथ कार्रवाई कर सकें।

फायरिंग स्किल के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
रांची पुलिस के इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल निशानेबाजी की क्षमता को बेहतर करना नहीं है। इसके जरिए जवानों की अनुशासन, आत्मविश्वास, हथियार संचालन क्षमता और ऑपरेशनल रेडीनेस को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी गंभीर स्थिति में बल की प्रतिक्रिया जितनी तेज और प्रभावी होगी, अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा उतनी ही बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी।
नियमित प्रशिक्षण से मजबूत होगी पुलिसिंग
एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर रांची पुलिस ने पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के निरंतर प्रशिक्षण तथा कौशल विकास को प्राथमिकता दी है। नियमित फायरिंग और अन्य अभ्यासों के जरिए पुलिस बल को विभिन्न परिस्थितियों के लिए तैयार रखने की योजना है।
पुलिस का मानना है कि इस तरह के निरंतर प्रशिक्षण से जवानों की पेशेवर दक्षता बढ़ेगी और जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर पुलिस की प्रभावशीलता और मजबूत होगी।