झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस विभाग में सेवानिवृत्त लिपिकों को वित्तीय उन्नयन का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। WP(S) No. 4425/2024, गौतम कुमार साहू एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य मामले में अदालत के निर्देश के अनुपालन में केंद्रीय चयन पर्षद-सह-स्क्रीनिंग समिति ने तीन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों पर विचार किया।
11 सितंबर को हुई समिति की बैठक में संबंधित मामलों की समीक्षा के बाद ACP (Assured Career Progression) और MACP (Modified Assured Career Progression) योजना के तहत वित्तीय लाभ देने की स्वीकृति का निर्णय लिया गया।
तीन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
समिति के समक्ष जिन मामलों पर विचार किया गया, उनमें पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त तीन लिपिक शामिल हैं:-
- गौतम कुमार साहू : सेवानिवृत्त प्रधान लिपिक, जैप-6, जमशेदपुर
- जय नारायण चौधरी : सेवानिवृत्त लिपिक, गिरिडीह जिलाबल
- रामनन्दन चौधरी : सेवानिवृत्त उच्चवर्गीय लिपिक, चतरा जिलाबल
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में इन कर्मचारियों के मामलों की विभागीय स्तर पर समीक्षा की गई और वित्तीय उन्नयन से जुड़े लाभ को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया।

वित्तीय लाभ से पहले पूरी करनी होगी विभागीय प्रक्रिया
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, समिति की स्वीकृति के बाद भी वित्तीय लाभ का अंतिम क्रियान्वयन निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। वेतन निर्धारण समेत आगे की कार्रवाई के लिए विभागीय आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति आवश्यक होगी।
इसके अलावा वित्त विभाग के संबंधित संकल्पों के अनुरूप कर्मचारियों से आवश्यक अंडरटेकिंग भी ली जाएगी। इसके बाद सक्षम स्तर पर अभिलेखों और दावों का सत्यापन किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर ही ACP और MACP के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ को लागू किया जाएगा।
इस फैसले से हाईकोर्ट के आदेश के दायरे में आने वाले संबंधित सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के लिए लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता खुला है।