मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी शिकायतों और आरोपों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रपति भवन से बाहर निकलने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की ओर से उठाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि मामले से जुड़े प्रमाण मांगे हैं।


राहुल ने कहा कि विपक्ष अब तक जुटाए गए साक्ष्यों को राष्ट्रपति के समक्ष पेश करेगा।राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी दलों का यही प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगा और मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर विपक्ष अपनी बात अदालत के सामने रखेगा।
अभिषेक बनर्जी ने की CEC की गिरफ्तारी की मांगवहीं, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली के विजय चौक पर प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि केवल पद से हटाना पर्याप्त नहीं होगा और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी होनी चाहिए।

अभिषेक बनर्जी ने चुनाव व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था की खामियों को दूर किए बिना भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने 2023 में ज्ञानेश कुमार को दी गई कथित छूट का मुद्दा भी उठाया।
राष्ट्रपति से मिले विपक्ष के 10 नेता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, मनोज झा, उमर अब्दुल्ला, ममता बनर्जी, डी. राजा, टी. तिरुमावलवन, एमए बेबी, राजीव राय और सुप्रिया सुले शामिल रहे। नेताओं ने राष्ट्रपति को चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं वाला ज्ञापन सौंपा।
इस बीच कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी राष्ट्रपति भवन के बाहर विपक्षी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में बैलेट की वापसी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट