Tuesday, October 6, 2026
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झारखंड में सरकारी दवाओं की कीमत पर सवाल, BJP ने सामने रखे Amoxicillin-ORS के आंकड़े

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झारखंड के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने दावा किया कि कुछ सामान्य दवाओं की खरीद झारखंड में दूसरे राज्यों की तुलना में काफी अधिक दर पर की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले में खरीद प्रक्रिया की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।

अजय साह ने Amoxicillin 500 mg और 21 ग्राम ORS की कीमतों का उदाहरण देते हुए खरीद दरों में अंतर का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक, बिहार में Amoxicillin 500 mg की खरीद करीब 1.15 रुपये प्रति इकाई की दर से होने की बात सामने आई है, जबकि झारखंड में इसकी कीमत करीब 3.50 रुपये बताई जा रही है। इसी तरह ORS की खरीद झारखंड में करीब 8.50 रुपये की दर से होने का दावा किया गया है। भाजपा ने इन दरों की तुलना दूसरे राज्यों में होने वाली खरीद से करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।

11 सदर अस्पतालों के टेंडर पर भी सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने राज्य के 11 सदर अस्पतालों से जुड़े 11 टेंडरों को लेकर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि ये टेंडर रांची के एक ही मुस्लिम परिवार से जुड़ी फर्मों को मिले हैं और इनमें बाजार मूल्य की तुलना में अधिक दरों पर खरीद किए जाने के आरोप हैं। हालांकि, ये भाजपा की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

साह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विवाद केवल दवा खरीद तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने एम्बुलेंस सेवाओं, अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता और पूर्व में सामने आए एक्सपायर्ड दवाओं से संबंधित मामलों का भी उल्लेख किया। दूसरी ओर, जून 2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सरकारी अस्पतालों में दवाओं, इलाज और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा एम्बुलेंस व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दिए थे।

स्वास्थ्य मंत्री से जवाब की मांग

अजय साह ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े टेंडर, एम्बुलेंस, मोतियाबिंद ऑपरेशन और अब दवा खरीद जैसे मुद्दों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। भाजपा ने इन मामलों में राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

भाजपा प्रवक्ता ने मंत्री पर राजनीतिक हमला करते हुए दवा खरीद में कथित अनियमितताओं पर जवाब देने की मांग की। हालांकि, सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के उपलब्ध स्रोत में दर्ज नहीं है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से जुड़े सरकारी निर्देश उपलब्ध हैं।

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