राजधानी में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ रांची नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। निगम की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न वार्डों में 70 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का निरीक्षण कर उनके म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस की स्थिति जांची। जांच के दौरान 18 संस्थान बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के चलते मिले।
निगम की ओर से इन संस्थानों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था। उन्हें तीन दिनों के भीतर ट्रेड लाइसेंस प्राप्त कर नियमानुसार संचालन करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी संबंधित संस्थानों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके बाद निगम ने अब इनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई
नगर निगम के मुताबिक, किसी आवासीय अथवा व्यावसायिक भवन में बिना आवश्यक म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस के कारोबारी गतिविधि चलाना नगरपालिका नियमों के तहत वैध नहीं है। जांच में सामने आए 18 संस्थानों के मामले में झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 455 और 600 तथा झारखंड म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस रूल्स, 2017 के कंडिका 19 और 20 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।
निगम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बावजूद अनुपालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ अब कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन संस्थानों पर कार्रवाई की प्रक्रिया
सीलिंग की कार्रवाई के दायरे में एमबीए एचीवर्स, ग्रैविटी एजुकेशन, नेशनल क्लैट एकेडमी, मास्टर माइंड्स, पेजेस लाइब्रेरी, द ब्लैकबोर्ड, एकेएस एकेडमी और DCUBE क्लासेज सहित अन्य संस्थान शामिल हैं।
नगर निगम का कहना है कि कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की वैधानिक स्थिति जांचने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसके साथ ही शहर में संचालित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस की भी जांच की जा सकती है।
निगम ने सभी कोचिंग संचालकों और कारोबारियों से अपील की है कि वे आवश्यक लाइसेंस और अनुमतियां हासिल करने के बाद ही व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करें। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि बिना वैध ट्रेड लाइसेंस कारोबार करने वालों के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।