झारखंड में सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम में अपनाए गए नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले को लेकर चल रहा विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। मामले पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने अपना पक्ष रखते हुए जवाब दाखिल किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
याचिकाकर्ताओं ने नियमावली पर उठाया सवाल
प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि संबंधित नियुक्ति नियमों में इस तरह के फॉर्मूले के इस्तेमाल का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
उनकी दलील है कि जब नियमावली में नॉर्मलाइजेशन की व्यवस्था निर्धारित नहीं की गई थी, तो परीक्षा के अंकों और परिणाम को तैयार करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर परिणाम प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।

JSSC बोला- विज्ञापन में पहले से था प्रावधान
आयोग ने याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को खारिज करते हुए अदालत में कहा कि परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में नॉर्मलाइजेशन की व्यवस्था का उल्लेख पहले ही कर दिया गया था। JSSC ने यह भी अदालत के संज्ञान में लाया कि सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है।
इससे पहले हाईकोर्ट ने आयोग से मामले से जुड़े आठ अहम बिंदुओं पर जवाब मांगा था। अब JSSC की ओर से जवाब दाखिल होने के बाद याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों और आयोग के तर्कों पर अदालत आगे सुनवाई करेगी।
यह याचिका गिरधर राउत एवं अन्य की ओर से दाखिल की गई है। प्रार्थियों की तरफ से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, शुभम मिश्रा और शेखर प्रसाद गुप्ता ने अदालत में पक्ष रखा। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।