Tuesday, October 6, 2026
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प्रसव के बाद महिला सब-इंस्पेक्टर की मौ*त, पति ने नर्सिंग होम पर लगाया लापरवाही का आरोप

by उर्वशी शेखर
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रांची के तुपुदाना क्षेत्र स्थित राजेन्द्र नर्सिंग होम में प्रसव के बाद एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान नामकुम के खरसीदाग क्षेत्र के तोरार निवासी 33 वर्षीय सुमित्रा कच्छप के रूप में हुई है। परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर संध्या कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

मृतका के पति कार्तिक मुण्डा ने इस संबंध में तुपुदाना थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया है। उनका आरोप है कि प्रसव के बाद पत्नी की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय रहते गंभीर स्थिति के अनुरूप इलाज नहीं किया गया।

सी-सेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत

आवेदन के अनुसार, 15 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे कार्तिक अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए राजेन्द्र नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। करीब 9:10 बजे उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया, जहां डॉक्टर संध्या कुमारी ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद सुमित्रा ने करीब 2.5 किलोग्राम वजन के बच्चे को जन्म दिया।

परिजनों के मुताबिक, प्रसव के बाद सुमित्रा को तेज दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगी। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्सों को इसकी जानकारी देने के बावजूद तत्काल आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप नहीं किया गया और उन्हें केवल इंजेक्शन दिया गया। इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती गई तथा वह बेहोश हो गईं।

रात में दूसरे अस्पताल भेजा गया

जब महिला की स्थिति गंभीर हो गई तो राजेन्द्र नर्सिंग होम से उन्हें 16 सितंबर की रात करीब 1:50 बजे देवनिका अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि उस समय तक उनकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। देवनिका अस्पताल में उपचार के दौरान सुमित्रा कच्छप ने दम तोड़ दिया।

परिवार ने इस मौत के लिए राजेन्द्र नर्सिंग होम के चिकित्सक और कर्मचारियों की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, मामले में आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस एसोसिएशन ने उठाई जवाबदेही की मांग

घटना के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी चिंता जताई है। एसोसिएशन के संयुक्त सचिव राकेश पाण्डेय ने निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता भी बताई। एसोसिएशन का कहना है कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों में लापरवाही के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

फिलहाल मृतका के पति की शिकायत के आधार पर पुलिस से मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। मौत की वास्तविक वजह और इलाज में किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।

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