झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2027 के लिए राज्य के सभी सिविल न्यायालयों का वार्षिक कैलेंडर और अवकाश सूची जारी कर दी है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के आदेश के बाद जारी इस कैलेंडर में पूरे वर्ष न्यायालयों के कामकाज और विभिन्न पर्व-त्योहारों के दौरान मिलने वाली छुट्टियों की तारीखें निर्धारित की गई हैं।
कैलेंडर के अनुसार हाईकोर्ट में 17 मई से 5 जून 2027 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। यह अवकाश सोमवार से शनिवार तक की अवधि में निर्धारित किया गया है।
त्योहारों के लिहाज से अक्टूबर और नवंबर में न्यायालयों में लंबा अवकाश रहेगा। दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए सिविल कोर्ट में 4 अक्टूबर से 6 नवंबर तक पूजा अवकाश निर्धारित किया गया है। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला चरण 4 से 9 अक्टूबर और दूसरा चरण 27 अक्टूबर से 6 नवंबर तक चलेगा। होली के अवसर पर सिविल कोर्ट में 22 से 27 मार्च 2027 तक छुट्टी रहेगी, जबकि हाईकोर्ट में यह अवकाश 20 से 27 मार्च तक निर्धारित किया गया है।
वहीं, वर्ष के अंतिम सप्ताह में क्रिसमस और शरद ऋतु के अवकाश के तहत सिविल कोर्ट 25 से 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे। हाईकोर्ट में यह अवकाश 23 से 31 दिसंबर तक निर्धारित किया गया है।

कुछ छुट्टियां चुनिंदा न्यायमंडलों तक सीमित
वार्षिक कैलेंडर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी अवकाश पूरे राज्य के न्यायालयों पर समान रूप से लागू नहीं होंगे। कुछ स्थानीय और क्षेत्रीय पर्वों की छुट्टियां संबंधित न्यायमंडलों के लिए ही निर्धारित की गई हैं।
पौष पूर्णिमा का अवकाश केवल गिरिडीह न्यायमंडल में लागू होगा। इसी तरह मनसा पूजा की छुट्टी बोकारो, धनबाद और जामताड़ा न्यायमंडल के लिए तय की गई है। ईस्टर संडे की छुट्टी केवल मसीही समुदाय से जुड़े कर्मचारियों के लिए मान्य होगी।
चांद के आधार पर बदल सकती है मुस्लिम पर्वों की तारीख
कैलेंडर में मुस्लिम पर्वों को लेकर भी विशेष प्रावधान किया गया है। चांद दिखाई देने के आधार पर जरूरत पड़ने पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा रांची के न्यायायुक्त संबंधित त्योहारों की निर्धारित तारीख में बदलाव कर सकेंगे।
इस तरह 2027 के लिए जारी न्यायिक कैलेंडर में नियमित अवकाश के साथ-साथ प्रमुख धार्मिक पर्वों, स्थानीय परंपराओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा गया है।