झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दोबारा आंदोलन का ऐलान किया है। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अनुसार, सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद पहले स्थगित किया गया आंदोलन अब 6 अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने 1 अक्टूबर को जारी बयान में बताया कि 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी। उस दौरान सरकार की ओर से 15 से 20 दिनों के भीतर मांगों पर विचार कर समाधान निकालने का भरोसा दिया गया था। इसी आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन करीब 20 दिनों के लिए टाल दिया था। हालांकि, निर्धारित अवधि गुजरने के बावजूद मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से संघ ने आंदोलन फिर शुरू करने का फैसला किया है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 108 एंबुलेंस सेवा का सरकारी स्तर पर संचालन, कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सिविल सर्जन के माध्यम से कराने और सम्मान फाउंडेशन से हटाए गए कर्मियों की पुनर्बहाली शामिल है। संघ ने कर्मचारियों को EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन जैसे निर्धारित लाभ देने की भी मांग उठाई है।

संघ ने प्रस्तावित आंदोलन का चरणवार कार्यक्रम भी घोषित किया है। इसके तहत 6 से 9 अक्टूबर तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। इसके बाद 9 अक्टूबर को सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 12 अक्टूबर को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कार्यक्रम और 14 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।
आंदोलन का अगला चरण 16 अक्टूबर को होगा। इस दिन राज्यभर के 108 एंबुलेंस कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल करेंगे और नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इसके बाद भी मांगों पर समाधान नहीं निकला तो 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संगठन का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा। साथ ही सरकार से अपील की गई है कि 6 अक्टूबर से आंदोलन शुरू होने से पहले कर्मचारियों की मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि राज्य की आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा पर इसका असर न पड़े।