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पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना क्षेत्र में बैंक खातों के कथित दुरुपयोग से जुड़ा साइबर अपराध का मामला सामने आया है। कोणदी पंचायत की करीब 60 से 65 महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें हर महीने 25 किलो अनाज देने का भरोसा देकर आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज लिए गए और उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए।
महिलाओं के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की मदद से उनके दस्तावेजों के आधार पर केनरा बैंक और सेंट्रल बैंक की बाढ़ शाखा में खाते खोले गए। खातों के साथ एटीएम कार्ड भी जारी हुए। आरोप है कि बैंकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाते और एटीएम महिलाओं से लेकर दूसरे लोगों ने अपने पास रख लिए।
साइबर अपराध की रकम आने का आरोप
पीड़ित महिलाओं का दावा है कि बाद में इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर अपराध से हासिल रकम के लेन-देन के लिए किया गया। अलग-अलग राज्यों में साइबर अपराध के मामले दर्ज होने के बाद जब वहां की पुलिस पंडारक थाना पहुंचकर खाताधारकों से पूछताछ करने लगी, तब महिलाओं को अपने बैंक खातों के कथित इस्तेमाल की जानकारी मिली।
मामला सामने आने के बाद कई महिलाओं ने संबंधित बैंक शाखाओं में जाकर खाते बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिलाओं ने बाढ़ बाजार की सीता देवी और गांव के बुजुर्ग विदेशी पासवान पर कई लोगों के खाते खुलवाने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पहले दिया अनाज, फिर खाते और एटीएम लेने का आरोप
महिलाओं का कहना है कि कुछ लाभार्थियों को शुरुआत में एक महीने के लिए 25 किलो अनाज भी दिया गया था। इसके बाद उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए गए। महिलाओं के अनुसार, इसी दौरान उनके बैंक खातों का इस्तेमाल दूसरे लेन-देन के लिए किए जाने की आशंका है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। गांव के सरपंच रूपेश कुमार के नेतृत्व में प्रभावित महिलाएं सेंट्रल बैंक और केनरा बैंक की शाखाओं में पहुंचीं और अपने खातों को बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की।
बैंक ने ग्राहकों को किया सतर्क
सेंट्रल बैंक, बाढ़ के मैनेजर राहुल कुमार ने ग्राहकों से बैंक खाते, एटीएम कार्ड और जरूरी दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को नहीं देने की अपील की है। उन्होंने बैंकिंग लेन-देन में सावधानी बरतने और किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी।
फिलहाल पुलिस महिलाओं के बयान, संबंधित बैंक खातों और उनमें हुए लेन-देन की जांच कर रही है। साइबर अपराध से जुड़े पैसों का स्रोत और खातों के इस्तेमाल के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।