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सोनारी के बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद फरार हुए आरोपियों को पकड़ने के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में कार्रवाई की। पुलिस ने टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर चारों को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में इस घटना के तार जमीन के कारोबार और रेलवे ठेकेदारी से जुड़े पुराने विवाद से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
गोलीबारी के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए दो अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल किया था। हालांकि, फरार होने के दौरान एक गाड़ी में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद चारों आरोपी दूसरे वाहन में सवार होकर आगे निकल गए।
इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध छत्तीसगढ़ पहुंच चुके हैं। सूचना के आधार पर विशेष जांच टीम ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए रायपुर के एक टोल प्लाजा के पास घेराबंदी की। जैसे ही आरोपियों का वाहन वहां पहुंचा, पुलिस ने चारों को पकड़ लिया। इससे पहले पुलिस की अलग-अलग टीमें पश्चिम बंगाल सहित कई संभावित ठिकानों पर उनकी तलाश कर रही थीं।
दोपहर में गोलियों की आवाज से दहल उठा था बिंदल मॉल
शनिवार को दोपहर करीब 1:30 बजे सोनारी स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में अचानक गोलीबारी होने से अफरा-तफरी मच गई थी। घटना के समय डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी रेस्टोरेंट में बैठकर भोजन कर रहे थे।
इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन नकाबपोश अपराधी वहां पहुंचे। इनमें से दो रेस्टोरेंट के भीतर दाखिल हुए और वहां बैठे लोगों को निशाना बनाकर गोलियां चलाने लगे। हमलावरों ने करीब 11 राउंड फायरिंग की। अचानक हुए हमले में चारों लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घटना के बाद घायलों को तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) पहुंचाया गया, जहां उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया। वहीं, व्यस्त मॉल में दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास के इलाके में भी दहशत फैल गई।

सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस ने खंगाला आरोपियों का रास्ता
गोलीबारी की सूचना मिलते ही कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा और एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण करने के साथ वहां से कारतूस के खोखे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए।
जांच के दौरान मॉल और रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की पड़ताल की गई। फुटेज से हमलावरों की मोटरसाइकिल और उनकी गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के भागने की दिशा का पता लगाना शुरू किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर विशेष जांच टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। आखिरकार रायपुर में चारों को पकड़ने में सफलता मिली।

जमीन और रेलवे ठेकेदारी के विवाद से जुड़े हो सकते हैं गोलीकांड के तार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस हमले के पीछे कारोबारी प्रतिद्वंद्विता की आशंका सामने आई है। जानकारी के अनुसार, घायल डोमनिक सैमसन का रेलवे ठेकेदारी में दबदबे को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। वहीं, गोलीबारी में घायल रिजवान के बड़े पैमाने पर जमीन के कारोबार से जुड़े होने की बात सामने आई है।
ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या ठेकेदारी और जमीन कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से इस हमले की योजना बनाई गई थी। पुरानी रंजिश और आपराधिक गिरोहों के बीच टकराव की संभावनाओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
हालांकि, गोलीबारी के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही वारदात की साजिश तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकेगी।