लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक जंगली हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। घटना कोमर गांव की है, जहां हाथियों का झुंड पहुंचा था। इसी दौरान एक हाथी बिजली के तार के संपर्क में आ गया और उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। हादसे में झुंड के कुछ अन्य हाथियों के भी घायल होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी। अधिकारियों की ओर से यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बिजली का तार किस स्थिति में था और हाथी उसके संपर्क में कैसे आया।
कई दिनों से गांव में हाथियों की आवाजाही
कोमर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हाथियों का झुंड लगातार घूम रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, रात के समय हाथी गांव में दाखिल होकर खेतों और घरों को नुकसान पहुंचा रहे थे। रविवार रात भी करीब 15 हाथियों का समूह गांव की ओर पहुंचा।
हाथियों की मौजूदगी की सूचना पर ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मियों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और काफी प्रयास के बाद झुंड को गांव से बाहर की ओर खदेड़ दिया। लेकिन कुछ समय बाद हाथी फिर वापस लौट आए और एक ग्रामीण के मकई के खेत की तरफ चले गए।

रात में सुनाई दी हाथियों की चिंघाड़
वन विभाग के ट्रैकर पप्पू महतो के अनुसार, रात करीब दो बजे तक हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। बाद में झुंड दोबारा खेत की ओर पहुंचा, जहां बिजली का तार मौजूद था। इसी दौरान एक हाथी करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनने की बात कही है। इसी आधार पर झुंड में शामिल अन्य हाथियों के भी करंट से प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वन विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल वन विभाग की टीम मृत हाथी की मौत के कारणों और बिजली के तार से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। साथ ही इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।