तेलंगाना में कांग्रेस के कई पुराने नेताओं ने पार्टी छोड़कर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। रविवार को रंगा रेड्डी जिले में आयोजित कार्यक्रम में बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने इन नेताओं का स्वागत किया। पार्टी बदलने वालों में कई ऐसे नेता शामिल हैं, जिनका कांग्रेस से लगभग तीन दशक पुराना संबंध रहा है। इस मौके पर केटीआर ने कांग्रेस सरकार की नीतियों, रियल एस्टेट क्षेत्र की स्थिति, मेट्रो परियोजना और मूसी नदी के विकास को लेकर कई सवाल उठाए।
राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी पटलोला कार्तिक रेड्डी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस से जुड़े कई स्थानीय नेताओं ने बीआरएस की सदस्यता ली। इनमें पूर्व एमपीटीसी सदस्य एवं मार्केट कमेटी के निदेशक बी. राजू, मणिकोंडा के पूर्व सरपंच यालाला नरेश, पुप्पलगुडा के पूर्व एमपीटीसी सदस्य पापा लाल सिंह, मणिकोंडा के पूर्व सरपंच जय हिंद राव और पार्षद यालाला लावण्या प्रमुख रूप से शामिल हैं।
केटीआर ने सभी नेताओं को पार्टी का गुलाबी गमछा पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी, जगदीश रेड्डी और श्रीनिवास गौड़ के अलावा विधायक पाडी कौशिक रेड्डी, विधान पार्षद नवीन रेड्डी तथा रंगा रेड्डी जिले के कई वरिष्ठ बीआरएस नेता उपस्थित रहे।
इस दौरान पूर्व मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी ने कहा कि विभिन्न दलों के नेता बीआरएस से जुड़ रहे हैं, क्योंकि उनका विश्वास है कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ही तेलंगाना के हितों की रक्षा कर सकते हैं।

संगीत और डीजे पर प्रतिबंध को लेकर केटीआर ने उठाए सवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केटीआर ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार अपने कार्यकाल के लगभग तीन वर्ष पूरे करने जा रही है, लेकिन जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।
हैदराबाद में संगीत और डीजे पर लगाई गई पाबंदियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। केटीआर ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि परिस्थितियां प्रतिकूल होने पर घास की पत्तियां भी लोहे की छड़ जैसी ताकत हासिल कर सकती हैं।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की मौजूदा नीतियों से समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है।
केटीआर ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि विभिन्न परियोजनाओं में 30 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण तेलंगाना का रियल एस्टेट कारोबार प्रभावित हुआ है।
मेट्रो रेल परियोजना का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि बीआरएस की सरकार सत्ता में बनी रहती, तो रेड्डीर्ग से शमशाबाद तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना अब तक पूरी हो चुकी होती। उनके मुताबिक, पिछली सरकार के कार्यकाल में इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन कांग्रेस ने सत्ता संभालने के बाद इसे रद्द कर दिया।

मूसी नदी परियोजना पर भी कांग्रेस सरकार को घेरा
मूसी नदी के विकास और उसके आसपास रहने वाले लोगों की स्थिति को लेकर भी केटीआर ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की योजनाओं के कारण नदी के किनारे रहने वाले परिवारों में भय का माहौल है।
केटीआर ने कहा कि बीआरएस सरकार ने अपने कार्यकाल में मूसी नदी के पुनर्विकास के लिए 16 हजार करोड़ रुपये की योजना तैयार की थी। उन्होंने कांग्रेस सरकार की मौजूदा परियोजना और उसके क्रियान्वयन के तरीके पर सवाल उठाए।
अपने संबोधन में केटीआर ने फिल्म ‘द पैराडाइज’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फिल्म में पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर से प्रेरित एक किरदार को कुछ मिनटों के लिए दिखाया गया है। उनके अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि केसीआर की पहचान और उनका प्रभाव आज भी लोगों के बीच बना हुआ है।
केटीआर ने कांग्रेस से आए नेताओं का स्वागत करते हुए राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी अपनी बात रखी। वहीं, बीआरएस नेताओं ने लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पार्टी में आने को संगठन के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट