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नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बुधवार को INDIA ब्लॉक की आठवीं बैठक हुई। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), ईवीएम और वीवीपैट के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की। बैठक में 19 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि आम आदमी पार्टी, तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और डीएमके की गैरमौजूदगी रही।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित करने का आरोप लगाया। खड़गे ने विपक्ष की ओर से आगामी चुनाव बैलट पेपर के जरिए कराने की मांग भी दोहराई।
अक्टूबर में देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
खड़गे ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि वोटिंग प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर विपक्ष अब आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाएगा। उनके मुताबिक, 2 से 8 अक्टूबर के बीच अलग-अलग जिलों में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालेंगे और आयोग के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगेंगे। खड़गे के अनुसार, इस अभियान में विपक्षी दलों के साथ आम नागरिकों, युवाओं, गैर-सरकारी संगठनों और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों को भी जोड़ने की योजना है।
बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच चर्चा सकारात्मक रही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे लेकर शांत नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है और INDIA ब्लॉक एक साथ मिलकर देश में बदलाव के लिए काम करेगा।

ममता बनर्जी का चुनावी प्रक्रिया पर हमला
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कथित वोट चोरी के जरिए भाजपा ने पश्चिम बंगाल में नुकसान पहुंचाया और मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चुनावी सफलता हासिल की। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखी टिप्पणी की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विपक्ष के अभियान का समर्थन किया।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म-6 में किए गए बदलाव का उल्लेख करते हुए इसे विपक्ष के दबाव का नतीजा बताया। उन्होंने इसे विपक्ष की पहली सफलता के तौर पर पेश किया। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बताया कि मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है और उनकी पार्टी इस आंदोलन की तैयारियों में जुटी है।
बैठक में 19 दलों की मौजूदगी
INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, सीपीआई (एमएल), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, एआईएफबी और केरल कांग्रेस (जे) के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इन दलों के पास लोकसभा में कुल 178 और राज्यसभा में 62 सांसद होने का दावा किया गया। बैठक में राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वामपंथी नेता दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव के स्थान पर पार्टी के दूसरे नेता ने बैठक में हिस्सा लिया।
विपक्षी दलों की बैठक के बाद साफ है कि SIR, ईवीएम-वीवीपैट और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े मुद्दों को लेकर INDIA ब्लॉक आने वाले दिनों में अपना अभियान तेज करने की तैयारी में है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट