पलामू के चर्चित प्रभात हत्याकांड की जांच को लेकर पुलिस ने एहतियाती कदम उठाया है। मामले की जांच में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी संभावित प्रभाव की आशंका को दूर करने के लिए एसपी कपिल चौधरी ने चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में राकेश सिंह (1925), आरक्षी संख्या 692 सूर्यनाथ सिंह, सहायक पुलिस शैलेश शुक्ला और रोहित कुमार शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रभात के परिजनों ने इन पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर संदेह जताया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से चारों को तत्काल उनके मौजूदा दायित्व से हटाकर लाइन हाजिर करने का निर्णय लिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी पुलिसकर्मी को दोषी ठहराने के बजाय जांच के दौरान संभावित हस्तक्षेप या प्रभाव की गुंजाइश खत्म करने के लिए की गई है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर गठित हुई SIT
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने विशेष जांच दल यानी SIT गठित करने का निर्देश दिया है। एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर गठित टीम की कमान हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांशु शुक्ला को दी गई है।

SIT मामले से जुड़े अलग-अलग बिंदुओं की जांच कर रही है। टीम घटनाक्रम, संबंधित लोगों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिसकर्मियों की गतिविधियों और लोकेशन की भी जांच
लाइन हाजिर किए गए चारों पुलिसकर्मियों को लेकर विभागीय रिपोर्ट (डीआर) तैयार की जा रही है। जांच के दौरान उनके लोकेशन रिकॉर्ड और संबंधित गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों से पूछताछ कर उनके पक्ष और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्यों और पूछताछ से सामने आए बिंदुओं को शामिल करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपी जाएगी। फिलहाल SIT की जांच के साथ विभागीय स्तर पर भी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जारी है।