Tuesday, October 6, 2026
Home » हैदराबाद के विकास पर सरकार का फोकस, 52 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर तेज हुआ काम

हैदराबाद के विकास पर सरकार का फोकस, 52 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर तेज हुआ काम

0 comments

तेलंगाना सरकार ने बढ़ती आबादी और तेजी से फैलते हैदराबाद की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम तेज किया है। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि महानगर के विकास को नई गति देने के लिए करीब 52 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली अलग-अलग परियोजनाएं चल रही हैं।

शुक्रवार को हैदराबाद के प्रजा भवन में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसी कार्यक्रम में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) और हैदराबाद मेट्रो रेल की संयुक्त पहल ‘आरटीसी-मेट्रो साझा पास’ की शुरुआत की गई। करीब 12 वर्षों से लंबित ऑटो किराया संशोधन से जुड़ा सरकारी आदेश भी इस दौरान जारी किया गया।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर, सचेतक अद्दंकी दयाकर, पी महेंद्र रेड्डी, डॉ. जी. विवेक वेंकट स्वामी और मोहम्मद अजहरूद्दीन सहित मुख्य शासन सचिव संजय जाजू, विशेष मुख्य सचिव विकास राज, आरटीसी के प्रबंध निदेशक वाई. नागिरेड्डी, मेट्रो सलाहकार एनवीएस रेड्डी, जीएचएमसी कमिश्नर आर.वी. कर्णन और परिवहन कमिश्नर इलांबरित समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सड़क और शहरी ढांचे पर बड़ा निवेश

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हैदराबाद के नागरिकों को बेहतर परिवहन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उनके मुताबिक, हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण के दायरे में करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर, पुल और रेडियल सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है।

इसके अलावा ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम, जलापूर्ति और पेयजल योजनाओं तथा अंडरपास से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। इन सभी विकास कार्यों को शहर की बढ़ती जरूरतों और यातायात दबाव को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जा रहा है।

122 किमी लंबे मेट्रो नेटवर्क का दूसरा चरण

शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए मेट्रो रेल विस्तार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार करीब 38 हजार करोड़ रुपये की लागत से 122 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल के दूसरे चरण की परियोजना शुरू कर रही है।

परियोजना पूरी होने के बाद पटनचेरू, हयातनगर, पुराने शहर और शमशाबाद एयरपोर्ट क्षेत्र मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इससे महानगर के विभिन्न हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है।

362 किमी क्षेत्रीय रिंग रोड का निर्माण

हैदराबाद के बाहरी इलाकों में संपर्क व्यवस्था बेहतर करने के लिए 30,627 करोड़ रुपये की लागत से 362 किलोमीटर लंबे क्षेत्रीय रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा क्षेत्रीय रिंग रोड और मौजूदा आउटर रिंग रोड के बीच कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए 21 रेडियल सड़कों को विकसित किया जा रहा है।

सरकार इन परियोजनाओं को शहर के विस्तार, यातायात प्रबंधन और आसपास के क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़कर देख रही है।

मुसी नदी के पुनर्जीवन और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर

उपमुख्यमंत्री ने पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करीब 56 किलोमीटर लंबी मुसी नदी के पुनर्जीवन का काम जारी है। योजना के तहत नदी को स्वच्छ करने के साथ उसके आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

शहर में प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में डीजल बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, अब तक 550 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि हैदराबाद के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और विकास योजनाओं को केवल घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जमीन पर लागू करने पर जोर दिया जा रहा है

You may also like

Leave a Comment