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झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य की पुलिसिंग और विभागीय कामकाज की स्थिति का व्यापक आकलन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में जिलों और पुलिस रेंज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों से अपडेट लिया जाएगा।
बैठक में हाल के छात्र आंदोलनों और विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई भी समीक्षा के केंद्र में रहेगी। संबंधित अधिकारियों से आंदोलन के दौरान दर्ज प्राथमिकी, अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली जाएगी। इसके जरिए जिलों में पुलिस कार्रवाई की प्रगति और मामलों के निपटारे की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

QR आधारित बीट पुलिसिंग की भी होगी समीक्षा
पुलिस मुख्यालय की ओर से बीट व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए लागू किए गए QR स्कैनिंग सिस्टम की प्रगति पर भी बैठक में चर्चा होगी। अधिकारियों से पूछा जाएगा कि उनके जिलों में यह प्रणाली किस स्तर तक लागू हुई है और नियमित पुलिस गश्त एवं बीट पुलिसिंग को इससे कितना फायदा मिला है।
ACP-MACP के लंबित मामलों का मांगा जाएगा हिसाब
पुलिसकर्मियों से जुड़े ACP और MACP के लंबित मामलों को भी समीक्षा सूची में शामिल किया गया है। मुख्यालय संबंधित जिलों से ऐसे मामलों की संख्या, मौजूदा स्थिति और उनके निपटारे के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेगा।
थानों के मालखाने और प्रभार हस्तांतरण पर भी नजर
थानों में मौजूद मालखानों के रखरखाव और उनकी वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा लंबित प्रभार हस्तांतरण से जुड़े मामलों को भी बैठक में उठाया जाएगा।
पुलिसकर्मियों के Last Pay Certificate (LPC) से संबंधित लंबित मामलों पर भी अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी। मुख्यालय का जोर ऐसे मामलों को जल्द से जल्द निपटाने पर रहेगा।
PPT के जरिए पेश करनी होगी जिलों की रिपोर्ट
बैठक से पहले पुलिस मुख्यालय ने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की विस्तृत तैयारी करने का निर्देश दिया है। IG, DIG, SSP और SP स्तर के अधिकारियों को अपने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, आंकड़ों और विभिन्न मामलों में हुई प्रगति का विवरण PPT के रूप में तैयार करना होगा।
बैठक में इन्हीं प्रस्तुतियों के माध्यम से जिलों और रेंज की रिपोर्ट सामने रखी जाएगी। इससे पुलिस मुख्यालय को कानून-व्यवस्था, विभागीय लंबित मामलों, तकनीकी पुलिसिंग और प्रशासनिक कार्यों की वास्तविक स्थिति का एक साथ आकलन करने में मदद मिलेगी।